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ਅਜੋਕਾ
ਵਾਧਾ::
27 August, 2008 |
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देवनागरी:
हिंसा--दलजीत
सिंघ, ऐडमिंटन
देवनागरी:
पँजाब विच्च
लुट्टां खोहां दी लहिर----हरबीर
सिँघ भंवर--19
July 2008
देवनागरी:
फाड़ी ते खरबूज़ा-
केहर शरीफ---7
July 2008

देवनागरी:
किणमिण होवे
मथ्थे
अन्दर, रूह अन्दर बरसातां(24)-शाम
सिँघ (अंग-संग)
देवनागरी:
पुसतकां दी
उदासी-
केहर शरीफ़

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ilKfrI
लिखारी
Likhari
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